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ना चाहत के अंदाज़ अलग, ना दिल के जज़्बात अलग


ना चाहत के अंदाज़ अलग,
ना दिल के जज़्बात अलग
थी सारी बात लकीरों की,
तेरे हाथ अलग, मेरे हाथ अलग.


 

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